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'''सम्मोहन''' (Hypnosis) एक मानसिक अवस्था | {{Short description|मन के एक खास अवस्था आ सम्मोहन के प्रक्रिया}} | ||
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'''सम्मोहन''' (Hypnosis) एक ऐसनो मानसिक अवस्था आ सुझाव (Suggestion) के प्रक्रिया हवे जेमें व्यक्ति के ध्यान केंद्रित होखेला, चेतना के परिवर्तन होखेला आ सुझाव स्वीकार करे के क्षमता बढ़ जाला। ई एक तरह के "ट्रान्स" (Trance) के स्थिति हवे, जेमें व्यक्ति आरामदायक आ एकाग्र महसूस करेला, बाकी ओकरा के पूरा होश रहेला। ई नींद ना हवे, बलुक एक गहिरा ध्यान के अवस्था हवे। | |||
== परिभाषा == | == परिभाषा == | ||
सम्मोहन | '''सम्मोहन''' के परिभाषा देना आसान ना हवे काहें कि ई एक व्यक्तिपरक अनुभव हवे। सामान्य रूप से कहल जा सकता हवे कि ई चेतना के एगो परिवर्तित अवस्था हवे, जेमें व्यक्ति के '''क्रिटिकल फैकल्टी''' (आलोचनात्मक क्षमता) कम हो जाला आ ओ '''सुझावशीलता''' (Suggestibility) बढ़ जाला। मने कि सम्मोहनकार (Hypnotist) द्वारा दिहल गइल सुझाव के प्रति व्यक्ति के मन खुला रहेला आ ओकरा अस्वीकार करे के संभावना कम हो जाला। ई एगो '''सहयोगात्मक प्रक्रिया''' हवे; जबरन कवनो व्यक्ति के सम्मोहित ना कइल जा सकता हवे, जब तक कि ओ खुद सहयोग ना करे। | ||
भारतीय संदर्भ में, सम्मोहन के अक्सर '''मेस्मेरिज्म''' (Mesmerism) या '''जादू-टोना''' से गलत समझल जाला। बाकी वैज्ञानिक दृष्टि से, ई जादू ना हवे, बलुक मनोविज्ञान के एगो शाखा हवे। भारत में कई गो संस्थान, जइसे कि '''इंडियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल हिप्नोसिस''' (ISCEH) आ '''इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हिप्नोसिस''' ई बात पर जोर देत बा कि ई एगो वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति हवे। | |||
== इतिहास == | == इतिहास == | ||
=== | === वैश्विक परिप्रेक्ष्य === | ||
सम्मोहन के आधुनिक इतिहास के शुरुआत 18वीं सदी में '''फ्रांज एंटन मेस्मर''' (Franz Anton Mesmer) से होखे के मानल जाला। ओ "एनिमल मैग्नेटिज्म" के सिद्धांत दिहलें आ ओकरा इलाज के तरीका बनवलें। बाद में 19वीं सदी में '''जेम्स ब्रेड''' (James Braid) नामक एगो सर्जन ई शब्द "हिप्नोसिस" (ग्रीक भगवान 'हिप्नोस' से, जे नींद के देवता रहें) के प्रयोग कइलें आ ओकरा वैज्ञानिक आधार दिहलें। '''सिगमंड फ्रायड''' (Sigmund Freud) भी शुरुआत में सम्मोहन के इस्तेमाल कइलें, हालांकि बाद में ओकरा छोड़ दिहलें। | |||
=== | === भारतीय संदर्भ आ इतिहास === | ||
भारत में सम्मोहन के अवधारणा नया ना हवे। प्राचीन भारतीय योग दर्शन में '''ध्यान''' (Meditation) आ '''समाधि''' के जे अवस्था बतावल गइल बा, ओकरा संग सम्मोहन के कुछ समानता देखल जा सकता हवे। दोनों में ही मन के एकाग्रता आ चेतना के बदलाव होखेला। कुछ विद्वान मानेला कि प्राचीन ऋषि-मुनि लोग '''तपस्या''' आ ध्यान के माध्यम से मन पर नियंत्रण के जे विधि बतवले रहें, ओहमें सम्मोहन के तत्व मौजूद रहें। | |||
आधुनिक काल में, भारत में सम्मोहन के प्रचार-प्रसार 20वीं सदी के मध्य से शुरू भइल। '''डॉ. बी. एम. हेगड़े''' जइसन चिकित्सक लोग ई विधि के इस्तेमाल कइलें। 1970 आ 1980 के दशक में, '''डॉ. जे. डी. बत्रा''' आ '''डॉ. मोहनलाल वैष्णव''' जइसन लोग सम्मोहन चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी रहलें। आज, भारत में कई गो मान्यता प्राप्त संस्थान, जइसे कि '''नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हिप्नोसिस एंड एलाइड साइंसेज''' (NIHA) आ '''इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल हिप्नोटिस्ट्स''' (IACH), सम्मोहन के प्रशिक्षण आ प्रमाणन देत बा। | |||
== प्रकार == | == प्रकार == | ||
सम्मोहन के मुख्य रूप से दू गो प्रकार होखेला: | |||
* ''' | |||
* '''एरिक्सोनियन सम्मोहन''' (Ericksonian Hypnosis): अमेरिकी मनोचिकित्सक '''मिल्टन एरिक्सन''' द्वारा विकसित | * '''पारंपरिक सम्मोहन''' (Traditional Hypnosis): ई सीधा सुझाव देके के तरीका हवे। सम्मोहनकार सीधा आदेश देला ("अब आप आराम महसूस करत बानी") आ व्यक्ति ओकरा मान लेला। ई मंच पर प्रदर्शन (Stage Hypnosis) में अक्सर देखल जाला। | ||
* '''स्व-सम्मोहन''' (Self-Hypnosis): | |||
* ''' | * '''एरिक्सोनियन सम्मोहन''' (Ericksonian Hypnosis): अमेरिकी मनोचिकित्सक '''मिल्टन एरिक्सन''' द्वारा विकसित ई तकनीक अप्रत्यक्ष आ कहानी सुनावे के रूप में होखेला। ई ज्यादा सूक्ष्म हवे आ व्यक्ति के अवचेतन मन तक पहुँचे में मदद करेला। | ||
इनहू के अलावा, कई गो अन्य विधि भी प्रचलित बा, जइसे कि: | |||
* '''स्व-सम्मोहन''' (Self-Hypnosis): जेमें व्यक्ति खुद के सम्मोहित करेला। | |||
* '''क्लिनिकल हिप्नोसिस''' (Clinical Hypnosis): चिकित्सा आ मनोचिकित्सा के उद्देश्य से इस्तेमाल होखे वाला सम्मोहन। | |||
* '''[[प्रतिगमन सम्मोहन]]''' (Regression Hypnosis): ई एगो खास तकनीक हवे जेमें व्यक्ति के अतीत के याद (कभी-कभी बचपन या पूर्व जन्म के कथित याद) में ले जाइल जाला ताकि वर्तमान समस्या के मूल कारण पता लगावल जा सके। | |||
== वैज्ञानिक | == वैज्ञानिक शोध == | ||
सम्मोहन के प्रभावशीलता पर दुनिया भर में वैज्ञानिक शोध होखत रहल बा। '''नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज''' (NIMHANS), बंगलुरु जइसन भारत के प्रमुख संस्थान में भी ई पर शोध भइल बा। मस्तिष्क के स्कैन (fMRI, EEG) से पता चलल बा कि सम्मोहन के अवस्था में मस्तिष्क के कार्य करे के तरीका बदल जाला। खास करी के '''एन्टीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स''' (Anterior Cingulate Cortex) आ '''प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स''' (Prefrontal Cortex) के गतिविधि में परिवर्तन देखल गइल बा। | |||
वैज्ञानिक मानत बा कि सम्मोहन दर्द प्रबंधन (Pain Management), चिंता (Anxiety), अवसाद (Depression), आदत में बदलाव (जइसे कि धूम्रपान छोड़े) आ मनोदैहिक रोग (Psychosomatic Disorders) में फायदेमंद हो सकता हवे। हालांकि, हर कोनो व्यक्ति के सम्मोहन के प्रति संवेदनशीलता (Hypnotizability) अलग-अलग होखेला। लगभग 10-15% लोग अत्यधिक संवेदनशील होखेला, जबकि कुछ लोग कम प्रतिक्रिया दिहेला। | |||
== | == अनुप्रयोग == | ||
भारत में सम्मोहन के कई गो क्षेत्र में इस्तेमाल होखेला: | |||
* '''चिकित्सा क्षेत्र''': दंत चिकित्सा (Dentistry) में दर्द कम करे खातिर, कैंसर के मरीजन में दर्द आ उल्टी के नियंत्रण में, आ इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जइसन बीमारी के इलाज में। | |||
* '''मनोचिकित्सा''': फोबिया, तनाव, PTSD (पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर), आ नींद के गड़बड़ी के इलाज में। | |||
* '''व्यवहार परिवर्तन''': वजन घटावे, धूम्रपान छोड़े, नाखून चबावे के आदत छुड़ावे में। | |||
* '''शिक्षा आ खेल''': एकाग्रता बढ़ावे, परीक्षा के डर कम करे, आ खिलाड़ी लोग के प्रदर्शन बेहतर करे में। | |||
* '''फोरेंसिक विज्ञान''': पुलिस जांच में गवाह के याददाश्त बढ़ावे में (हालांकि ई विवादास्पद हवे, काहें कि याद false memory भी बन सकता हवे)। | |||
== | == भारत में कानूनी दर्जा == | ||
भारत में सम्मोहन के कानूनी दर्जा स्पष्ट रूप से परिभाषित ना हवे। '''इंडियन मेडिकल काउंसिल''' (IMC) अब '''नेशनल मेडिकल कमीशन''' (NMC) द्वारा मान्यता प्राप्त डॉक्टर (MBBS) या मान्यता प्राप्त मनोचिकित्सक (Psychiatrist) या क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट ही चिकित्सीय सम्मोहन के इस्तेमाल कर सकत बा। बिना मेडिकल या मनोविज्ञान के डिग्री के व्यक्ति द्वारा सम्मोहन के इस्तेमाल '''छद्म चिकित्सा''' (Quackery) मानल जा सकता हवे आ ओकरा खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकता हवे। | |||
कुछ राज्य में, मंच सम्मोहन (Stage Hypnosis) के प्रदर्शन पर प्रतिबंध होखे सकता हवे अगर ओ अश्लील या खतरनाक होखे। सामान्य नियम ई हवे कि सम्मोहन के इस्तेमाल कवनो नुकसान ना पहुँचावे आ व्यक्ति के सहमति से होखे के चाहीं। '''मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया''' के नियम के मोताबिक, गैर-चिकित्सक द्वारा कइल गइल सम्मोहन चिकित्सा गैरकानूनी होखे सकता हवे। | |||
== | == सांस्कृतिक रवैया == | ||
भारतीय समाज में सम्मोहन के प्रति रवैया मिलाजुला हवे। एक ओर जहाँ शिक्षित वर्ग ओकरा एगो वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति के रूप में स्वीकार करत बा, वहीं दूसरा ओर ग्रामीण आ अशिक्षित इलाका में ई अक्सर '''जादू-टोना''', '''भूत-प्रेत''' के कब्जा, या '''ओझा''' के काम से जोड़ के देखल जाला। टेलीविजन शो आ फिल्म सभ में सम्मोहन के गलत तरीका से पेश करे के कारण ई भ्रम बढ़ल बा। | |||
कई गो धार्मिक आ आध्यात्मिक गुरु लोग '''ध्यान''' आ '''मंत्र''' के माध्यम से जे कुछ करेला, ओकरा संग सम्मोहन के तुलना होखेला, हालांकि दोनों के उद्देश्य आ पद्धति अलग हवे। भारत में सम्मोहन के स्वीकार्यता बढ़ रहल बा, खास करी के शहरी इलाका में, जहाँ तनाव आ मानसिक स्वास्थ्य के समस्या के बढ़ती जागरूकता बा। | |||
== | == भारत के कुछ प्रमुख व्यवसायी == | ||
भारत में सम्मोहन के क्षेत्र में कई गो नामचीन व्यक्ति लोग के योगदान बा: | |||
* '''डॉ. बी. एम. हेगड़े''': प्रख्यात चिकित्सक आ शिक्षक, जे सम्मोहन चिकित्सा के इस्तेमाल कइलें। | |||
* '''डॉ. जे. डी. बत्रा''': ओकरा भारत में आधुनिक सम्मोहन चिकित्सा के अग्रदूत मानल जाला। ओ कई गो पुस्तक लिखले बानी आ प्रशिक्षण दिहले बानी। | |||
* '''डॉ. लक्ष्मी कांत शर्मा''': क्लिनिकल हिप्नोथेरेपिस्ट आ '''इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हिप्नोसिस | |||
Version vom 1. April 2026, 08:45 Uhr
Vorlage:Short description Vorlage:Infobox medical intervention सम्मोहन (Hypnosis) एक ऐसनो मानसिक अवस्था आ सुझाव (Suggestion) के प्रक्रिया हवे जेमें व्यक्ति के ध्यान केंद्रित होखेला, चेतना के परिवर्तन होखेला आ सुझाव स्वीकार करे के क्षमता बढ़ जाला। ई एक तरह के "ट्रान्स" (Trance) के स्थिति हवे, जेमें व्यक्ति आरामदायक आ एकाग्र महसूस करेला, बाकी ओकरा के पूरा होश रहेला। ई नींद ना हवे, बलुक एक गहिरा ध्यान के अवस्था हवे।
परिभाषा
सम्मोहन के परिभाषा देना आसान ना हवे काहें कि ई एक व्यक्तिपरक अनुभव हवे। सामान्य रूप से कहल जा सकता हवे कि ई चेतना के एगो परिवर्तित अवस्था हवे, जेमें व्यक्ति के क्रिटिकल फैकल्टी (आलोचनात्मक क्षमता) कम हो जाला आ ओ सुझावशीलता (Suggestibility) बढ़ जाला। मने कि सम्मोहनकार (Hypnotist) द्वारा दिहल गइल सुझाव के प्रति व्यक्ति के मन खुला रहेला आ ओकरा अस्वीकार करे के संभावना कम हो जाला। ई एगो सहयोगात्मक प्रक्रिया हवे; जबरन कवनो व्यक्ति के सम्मोहित ना कइल जा सकता हवे, जब तक कि ओ खुद सहयोग ना करे।
भारतीय संदर्भ में, सम्मोहन के अक्सर मेस्मेरिज्म (Mesmerism) या जादू-टोना से गलत समझल जाला। बाकी वैज्ञानिक दृष्टि से, ई जादू ना हवे, बलुक मनोविज्ञान के एगो शाखा हवे। भारत में कई गो संस्थान, जइसे कि इंडियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल हिप्नोसिस (ISCEH) आ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हिप्नोसिस ई बात पर जोर देत बा कि ई एगो वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति हवे।
इतिहास
वैश्विक परिप्रेक्ष्य
सम्मोहन के आधुनिक इतिहास के शुरुआत 18वीं सदी में फ्रांज एंटन मेस्मर (Franz Anton Mesmer) से होखे के मानल जाला। ओ "एनिमल मैग्नेटिज्म" के सिद्धांत दिहलें आ ओकरा इलाज के तरीका बनवलें। बाद में 19वीं सदी में जेम्स ब्रेड (James Braid) नामक एगो सर्जन ई शब्द "हिप्नोसिस" (ग्रीक भगवान 'हिप्नोस' से, जे नींद के देवता रहें) के प्रयोग कइलें आ ओकरा वैज्ञानिक आधार दिहलें। सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) भी शुरुआत में सम्मोहन के इस्तेमाल कइलें, हालांकि बाद में ओकरा छोड़ दिहलें।
भारतीय संदर्भ आ इतिहास
भारत में सम्मोहन के अवधारणा नया ना हवे। प्राचीन भारतीय योग दर्शन में ध्यान (Meditation) आ समाधि के जे अवस्था बतावल गइल बा, ओकरा संग सम्मोहन के कुछ समानता देखल जा सकता हवे। दोनों में ही मन के एकाग्रता आ चेतना के बदलाव होखेला। कुछ विद्वान मानेला कि प्राचीन ऋषि-मुनि लोग तपस्या आ ध्यान के माध्यम से मन पर नियंत्रण के जे विधि बतवले रहें, ओहमें सम्मोहन के तत्व मौजूद रहें।
आधुनिक काल में, भारत में सम्मोहन के प्रचार-प्रसार 20वीं सदी के मध्य से शुरू भइल। डॉ. बी. एम. हेगड़े जइसन चिकित्सक लोग ई विधि के इस्तेमाल कइलें। 1970 आ 1980 के दशक में, डॉ. जे. डी. बत्रा आ डॉ. मोहनलाल वैष्णव जइसन लोग सम्मोहन चिकित्सा के क्षेत्र में अग्रणी रहलें। आज, भारत में कई गो मान्यता प्राप्त संस्थान, जइसे कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हिप्नोसिस एंड एलाइड साइंसेज (NIHA) आ इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल हिप्नोटिस्ट्स (IACH), सम्मोहन के प्रशिक्षण आ प्रमाणन देत बा।
प्रकार
सम्मोहन के मुख्य रूप से दू गो प्रकार होखेला:
- पारंपरिक सम्मोहन (Traditional Hypnosis): ई सीधा सुझाव देके के तरीका हवे। सम्मोहनकार सीधा आदेश देला ("अब आप आराम महसूस करत बानी") आ व्यक्ति ओकरा मान लेला। ई मंच पर प्रदर्शन (Stage Hypnosis) में अक्सर देखल जाला।
- एरिक्सोनियन सम्मोहन (Ericksonian Hypnosis): अमेरिकी मनोचिकित्सक मिल्टन एरिक्सन द्वारा विकसित ई तकनीक अप्रत्यक्ष आ कहानी सुनावे के रूप में होखेला। ई ज्यादा सूक्ष्म हवे आ व्यक्ति के अवचेतन मन तक पहुँचे में मदद करेला।
इनहू के अलावा, कई गो अन्य विधि भी प्रचलित बा, जइसे कि:
- स्व-सम्मोहन (Self-Hypnosis): जेमें व्यक्ति खुद के सम्मोहित करेला।
- क्लिनिकल हिप्नोसिस (Clinical Hypnosis): चिकित्सा आ मनोचिकित्सा के उद्देश्य से इस्तेमाल होखे वाला सम्मोहन।
- प्रतिगमन सम्मोहन (Regression Hypnosis): ई एगो खास तकनीक हवे जेमें व्यक्ति के अतीत के याद (कभी-कभी बचपन या पूर्व जन्म के कथित याद) में ले जाइल जाला ताकि वर्तमान समस्या के मूल कारण पता लगावल जा सके।
वैज्ञानिक शोध
सम्मोहन के प्रभावशीलता पर दुनिया भर में वैज्ञानिक शोध होखत रहल बा। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज (NIMHANS), बंगलुरु जइसन भारत के प्रमुख संस्थान में भी ई पर शोध भइल बा। मस्तिष्क के स्कैन (fMRI, EEG) से पता चलल बा कि सम्मोहन के अवस्था में मस्तिष्क के कार्य करे के तरीका बदल जाला। खास करी के एन्टीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स (Anterior Cingulate Cortex) आ प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (Prefrontal Cortex) के गतिविधि में परिवर्तन देखल गइल बा।
वैज्ञानिक मानत बा कि सम्मोहन दर्द प्रबंधन (Pain Management), चिंता (Anxiety), अवसाद (Depression), आदत में बदलाव (जइसे कि धूम्रपान छोड़े) आ मनोदैहिक रोग (Psychosomatic Disorders) में फायदेमंद हो सकता हवे। हालांकि, हर कोनो व्यक्ति के सम्मोहन के प्रति संवेदनशीलता (Hypnotizability) अलग-अलग होखेला। लगभग 10-15% लोग अत्यधिक संवेदनशील होखेला, जबकि कुछ लोग कम प्रतिक्रिया दिहेला।
अनुप्रयोग
भारत में सम्मोहन के कई गो क्षेत्र में इस्तेमाल होखेला:
- चिकित्सा क्षेत्र: दंत चिकित्सा (Dentistry) में दर्द कम करे खातिर, कैंसर के मरीजन में दर्द आ उल्टी के नियंत्रण में, आ इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) जइसन बीमारी के इलाज में।
- मनोचिकित्सा: फोबिया, तनाव, PTSD (पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर), आ नींद के गड़बड़ी के इलाज में।
- व्यवहार परिवर्तन: वजन घटावे, धूम्रपान छोड़े, नाखून चबावे के आदत छुड़ावे में।
- शिक्षा आ खेल: एकाग्रता बढ़ावे, परीक्षा के डर कम करे, आ खिलाड़ी लोग के प्रदर्शन बेहतर करे में।
- फोरेंसिक विज्ञान: पुलिस जांच में गवाह के याददाश्त बढ़ावे में (हालांकि ई विवादास्पद हवे, काहें कि याद false memory भी बन सकता हवे)।
भारत में कानूनी दर्जा
भारत में सम्मोहन के कानूनी दर्जा स्पष्ट रूप से परिभाषित ना हवे। इंडियन मेडिकल काउंसिल (IMC) अब नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) द्वारा मान्यता प्राप्त डॉक्टर (MBBS) या मान्यता प्राप्त मनोचिकित्सक (Psychiatrist) या क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट ही चिकित्सीय सम्मोहन के इस्तेमाल कर सकत बा। बिना मेडिकल या मनोविज्ञान के डिग्री के व्यक्ति द्वारा सम्मोहन के इस्तेमाल छद्म चिकित्सा (Quackery) मानल जा सकता हवे आ ओकरा खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकता हवे।
कुछ राज्य में, मंच सम्मोहन (Stage Hypnosis) के प्रदर्शन पर प्रतिबंध होखे सकता हवे अगर ओ अश्लील या खतरनाक होखे। सामान्य नियम ई हवे कि सम्मोहन के इस्तेमाल कवनो नुकसान ना पहुँचावे आ व्यक्ति के सहमति से होखे के चाहीं। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियम के मोताबिक, गैर-चिकित्सक द्वारा कइल गइल सम्मोहन चिकित्सा गैरकानूनी होखे सकता हवे।
सांस्कृतिक रवैया
भारतीय समाज में सम्मोहन के प्रति रवैया मिलाजुला हवे। एक ओर जहाँ शिक्षित वर्ग ओकरा एगो वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति के रूप में स्वीकार करत बा, वहीं दूसरा ओर ग्रामीण आ अशिक्षित इलाका में ई अक्सर जादू-टोना, भूत-प्रेत के कब्जा, या ओझा के काम से जोड़ के देखल जाला। टेलीविजन शो आ फिल्म सभ में सम्मोहन के गलत तरीका से पेश करे के कारण ई भ्रम बढ़ल बा।
कई गो धार्मिक आ आध्यात्मिक गुरु लोग ध्यान आ मंत्र के माध्यम से जे कुछ करेला, ओकरा संग सम्मोहन के तुलना होखेला, हालांकि दोनों के उद्देश्य आ पद्धति अलग हवे। भारत में सम्मोहन के स्वीकार्यता बढ़ रहल बा, खास करी के शहरी इलाका में, जहाँ तनाव आ मानसिक स्वास्थ्य के समस्या के बढ़ती जागरूकता बा।
भारत के कुछ प्रमुख व्यवसायी
भारत में सम्मोहन के क्षेत्र में कई गो नामचीन व्यक्ति लोग के योगदान बा:
- डॉ. बी. एम. हेगड़े: प्रख्यात चिकित्सक आ शिक्षक, जे सम्मोहन चिकित्सा के इस्तेमाल कइलें।
- डॉ. जे. डी. बत्रा: ओकरा भारत में आधुनिक सम्मोहन चिकित्सा के अग्रदूत मानल जाला। ओ कई गो पुस्तक लिखले बानी आ प्रशिक्षण दिहले बानी।
- डॉ. लक्ष्मी कांत शर्मा: क्लिनिकल हिप्नोथेरेपिस्ट आ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हिप्नोसिस